Tuesday, 19 May 2026

हमारा भारत

हमारा भारत

(विधाता छंद)


सँवारा है जिसे हमने, निराला देश है मेरा।

निराई कर गुड़ाई कर, सजाया बाग का घेरा।

पतंगे-कीट मारेंगे, अगर आयें हमारे घर।

जमाने अब नहीं देंगे, किसी को हम यहाँ डेरा।।

समझ लें आप भी, सब को,समझ में बात ये आये।

न कोई दे हमें धमकी, न भोली बात फुसलाये। 

जिसे भारत सुहाता हो, यहाँ के गीत वो गाये। 

नहीं तो बाँध कर बिस्तर, जहाँ भाये वहीं जाये।।

4/10/24                      अजय 'अजेय'।