स्वस्थ होली-स्वच्छ होली
दूर रहो जी पंगों से।
दूरी कीट पतंगों से।
हँसी ठिठोली हो जुबान से।
होली हो बस रंगों से।।
यारों से तुम डरो नहीं।
जोर-जबरिया करो नहीं।
जिसको हो परहेज खेल से।
उनके पीछे परो नहीं।।
भूलो जो है, बात गई।
अंधियारी थी, रात गई।
गले लगा लो उनको भी।
जिनसे बाधित बात भई।।
रंज पुराने धो डालो।
तंज-बहाने खो डालो।
होली ने सौगात दई।
करो आज शुरूआत नई।।
4/3/26 ~अजय 'अजेय'।
No comments:
Post a Comment